दीये-मोमबत्ती पर खर्च क्यों?अखिलेश का बयान या सनातन पर तंज?
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो अयोध्या।
दीपावली से पहले अयोध्या में आयोजित भव्य दीपोत्सव को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि “दीयों और मोमबत्तियों पर इतना खर्च क्यों? क्रिसमस से सीखें!”
क्या यह सनातन विरोधी टिप्पणी है? भाजपा ने इसे हिंदू आस्था और रामनगरी का अपमान बताया है।
लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश से दीपोत्सव में दीयों की संख्या घटने को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में उन्होंने कहा,
“पूरी दुनिया क्रिसमस पर महीनों जगमगाती है, हम क्यों दीयों-मोमबत्तियों पर खर्च करें? सरकार से उम्मीद नहीं, हटाना चाहिए। हमारी सरकार आएगी तो बेहतर रोशनी कराएंगे।”
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पलटवार करते हुए कहा,
“राम मंदिर का विरोध करने वाली पार्टी अब दीपोत्सव पर भी आपत्ति जता रही है। सैफई के जश्न पर उन्हें गर्व था, लेकिन रामनगरी की भव्यता से दिक्कत है?”
*सरयू किनारे 26 लाख दीयों से जगमगाएगी अयोध्या*
19 अक्टूबर को होने वाले 9वें दीपोत्सव में अयोध्या के 56 घाटों पर 26,11,101 दीये जलाए जाएंगे। आयोजन में 2100 वैदिक विद्वान, 1100 ड्रोन, और 33,000 स्वयंसेवक भाग लेंगे। 2017 में शुरू हुआ यह उत्सव अब अपनी रिकॉर्ड तोड़ भव्यता पर है।










