काशी–तमिल संगमम-4 में वाराणसी बेकरी का जलवा, दक्षिण भारत तक पहुंचा काशी का स्वाद
वाराणसी। काशी–तमिल संगमम-4 के भव्य आयोजन में काशी की संस्कृति के साथ-साथ यहां के पारंपरिक स्वाद भी लोगों को खूब लुभा रहे हैं। इसी कड़ी में वाराणसी बेकरी ने खास पहचान बना ली है। काशी के स्थानीय उद्यमी प्रदीप कुमार द्वारा लगाए गए स्टॉल पर लोगों की लगातार भीड़ देखी जा रही है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सहयोग से लगाए गए इस स्टॉल पर वाराणसी बेकरी द्वारा 15 तरह के बेकरी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों में खास तौर पर वाराणसी की मशहूर खारी और क्रीम रोल की मांग सबसे अधिक है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पर्यटक इनका स्वाद लेने पहुंच रहे हैं।
काशी–तमिल संगमम-4 में तमिलनाडु से आए कलाकारों और मेहमानों को भी वाराणसी बेकरी के उत्पाद काफी पसंद आ रहे हैं। दक्षिण भारतीय मेहमानों ने न केवल इन उत्पादों की सराहना की है, बल्कि बड़ी संख्या में ऑर्डर भी दिए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि काशी का स्वाद अब भाषाई और सांस्कृतिक सीमाओं को पार कर रहा है।
वाराणसी बेकरी के फाउंडर प्रदीप कुमार ने बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ व्यापार करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देना भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनकी बेकरी के माध्यम से 15 लोगों को रोजगार मिल रहा है, जो उनके लिए गर्व की बात है।
प्रदीप कुमार, फाउंडर, वाराणसी बेकरी – काशी–तमिल संगमम जैसे आयोजन से हमें अपने उत्पादों को देशभर के लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिला है। हमें खुशी है कि तमिलनाडु से आए कलाकारों और दक्षिण भारतीय मेहमानों को वाराणसी की खारी और क्रीम रोल बहुत पसंद आ रही है। इसके साथ ही हम 15 लोगों को रोजगार दे पा रहे हैं।”
काशी–तमिल संगमम-4 न सिर्फ उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन रहा है, बल्कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और पारंपरिक उत्पादों को भी नई पहचान मिल रही है। वाराणसी बेकरी की लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि काशी का स्वाद अब पूरे देश में अपनी अलग छाप छोड़ रहा है।










