शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कल करेंगे शुक्लयजुर्वेद माध्यन्दिनी घनपाठ ग्रन्थ का लोकार्पण
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी
ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती महाराज के लखनऊ से सड़क मार्ग द्वारा काशी पधारने पर संतों और काशीवासी भक्तों द्वारा हरिश्चंद्र घाट मार्ग पर पुष्पवर्षा व जयघोष के मध्य भव्य स्वागत व अभिनंदन किया गया एवं श्रीविद्यामठ पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य अभय शंकर तिवारी जी ने सपत्नीक उनके चरण पादुका का पूजन किया और काशीवासी भक्तों ने उनकी आरती उतारी।साथ ही शंकराचार्य जी महाराज के आगमन से हर्षित वैदिक विद्यार्थियों ने श्रीविद्यामठ में दीपों को प्रज्ज्वलित किया।
उक्त जानकारी देते हुए मठ के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि शुक्लयजुर्वेद माध्यन्दिनी घनपाठ ग्रन्थ का कल पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज लोकार्पण करेंगे।यह ग्रन्थ प्रथम बार प्रकाशित हुआ है।अब तक यह घनपाठ श्रुत परम्परा से मौखिक रूप में संरक्षित था।यह ग्रंथ वैदिक अध्ययन,शोधार्थियों एवं सनातन परंपरा से जुड़े विद्वानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।इस ग्रन्थ के संपादक व शोधकर्ता डॉ. मणिकुमार झा हैं।इस कार्यक्रम में देश के अनेक प्रतिष्ठित विद्वान एवं शिक्षाविद् अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे,जिनमें प्रमुख रूप से प्रो. हृदय रंजन शर्मा,प्रो. श्रीकिशोर मिश्र,प्रो.राममूर्ति चतुर्वेदी,प्रो.पतंजलि मिश्र,प्रो.महेन्द्र पाण्डेय,प्रो.सुनील कात्यायन एवं प्रो.कमलेश झा सहित अनेक विद्वान उपस्थित रहेंगे।
शंकराचार्य जी महाराज के स्वागत वंदन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री:~साध्वी पूर्णांबा,ब्रम्हचारी परमात्मानंद,डॉ गिरीश चंद्र तिवारी,अनिल पाण्डेय,कीर्ति हजारी शुक्ला,अविनाश जी,अनुराग दुबे,जगदीशानंद,अमित तिवारी,दीपेंद्र सिंह सहित भारी संख्या में काशीवासी उपस्थित थे।










