पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज/सिसवा बाजार।
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले तथा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के आह्वान पर विकास क्षेत्र सिसवा के शिक्षकों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर विद्यालयों में शिक्षण कार्य किया और सरकार के निर्णय के प्रति विरोध दर्ज कराया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 23 से 25 फरवरी तक शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों और कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति तत्कालीन नियमों के तहत हुई थी, इसलिए बाद में लागू की गई टीईटी अनिवार्यता को पूर्व प्रभाव से लागू करना उचित नहीं है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र के नेतृत्व में शिक्षकों ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्ग अपनी मांगों को लेकर एकजुट है और जब तक सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
आंदोलन के अगले चरण में 26 फरवरी को सभी शिक्षक जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा जाएगा। शिक्षकों ने शासन से मांग की है कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए।
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन तेज, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध










