करोड़ों रुपये के हुए समझौते
पूर्वांचल राज्य/चंदौली
चंदौली। जनपद न्यायालय चंदौली में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी ने सदर तहसील सभागार में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत जनपद न्यायालयों, राजस्व न्यायालयों तथा विभिन्न बैंकों में लंबित मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। न्यायालयों में विभिन्न न्यायिक अधिकारियों की पीठों द्वारा कुल 9,173 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी रश्मि नंदा द्वारा 43 मामलों का निस्तारण कर 1 करोड़ 31 लाख 50 हजार रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुबेदार सिंह द्वारा पांच मामलों में 26 लाख 47 हजार रुपये का समझौता कराया गया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश किरन पाल सिंह ने 28 मामलों का निस्तारण करते हुए पांच दंपतियों को पुनः साथ रहने के लिए भेजा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इशरत परवीन फारूकी ने 3,500 मामलों का निस्तारण कर 10 लाख 30 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया, जबकि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे अरुण कुमार गुप्ता द्वारा 1,850 मामलों का निस्तारण कर 4 लाख 14 हजार 700 रुपये का जुर्माना वसूला गया। अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण करते हुए जुर्माना वसूल किया गया तथा कई मामलों में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए।
इसके अतिरिक्त जनपद के सभी बैंकों द्वारा 563 ऋण खातों का निस्तारण करते हुए 7 करोड़ 14 लाख 14 हजार रुपये का समझौता किया गया तथा 3 करोड़ 21 लाख 7 हजार रुपये की नकद वसूली की गई। वहीं राजस्व न्यायालयों में 67,145 मामलों का निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. इंदु रानी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय, राजस्व विभाग और बैंकों को मिलाकर कुल 76,881 मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान न्यायालयों में 15 लाख 90 हजार 490 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए, जबकि 1 करोड़ 58 लाख 82 हजार 900 रुपये की समझौता राशि तय की गई तथा 63 लाख 70 हजार 414 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए।










