Home / Uncategorized / शिकारपुर कोटही में भव्य शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

शिकारपुर कोटही में भव्य शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के निर्देश पर बलिया जनपद की बांसडीह ब्लॉक इकाई के शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के विरोध में ‘शिक्षक की पाती’ कार्यक्रम चलाया। 9 से 22 मार्च तक चले इस अभियान के तहत शिक्षकों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेताओं सहित कई गणमान्य प्रतिनिधियों को पोस्टकार्ड और ईमेल भेजे।शिक्षकों का कहना है कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त और टीईटी से छूट प्राप्त शिक्षकों के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 01 सितंबर 2025 को टीईटी अनिवार्य करने का आदेश पूर्व स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों और परंपराओं के विपरीत है। इस अवसर पर विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष घनश्याम चौबे ने कहा कि यह लड़ाई शिक्षकों के अस्तित्व की है और इसे हर मोर्चे पर मिलकर लड़ना होगा। अटेवा के जिला महामंत्री राकेश मौर्य ने भी कहा कि इस संघर्ष में सभी शिक्षक एकजुट हैं और वे इस लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार हैं।सभी वक्ताओं ने एक स्वर में यह भी कहा कि सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पहले नियुक्त देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के साथ-साथ बच्चों का भविष्य भी संकट में आ गया है। अतः सरकार को अविलंब शिक्षक हित में निर्देश जारी करने की मांग की गई। कार्यक्रम में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ जनपद बलिया के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह (मीडिया प्रभारी), राजेश सिंह (अध्यक्ष बांसडीह), हरेराम सिंह (अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ), सुरेश वर्मा (मंत्री, बीबीटीसी), संतोष कुमार तिवारी, एहसानुल हक अंसारी, रवींद्र तिवारी, चंदन सिंह, सिद्धार्थ सिंह, अरविंद कुमार, वंदना गुप्ता, इंदु देवी, सत्यनारायण वर्मा, प्रमोद कुमार प्रजापति, गुरुदेव सिंह, हरेंद्र कुमार, बालेश्वर वर्मा, छोटे लाल कौशिक, प्रवीण श्रीवास्तव, सुधीर कुमार गुप्ता, जय शंकर प्रसाद, चंद्रशेखर शर्मा, हरि शंकर राम, अजीत दुबे, विनय शंकर दुबे सहित कई अन्य शिक्षक और कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *