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आनंदनगर-घुघली नई रेल लाइन: 244 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित, प्रथम चरण में निर्माण गति पकड़ रहा

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज। पूर्वोत्तर रेलवे की प्राथमिकता वाली आनंदनगर-घुघली ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 51.300 किलोमीटर लंबी इस विद्युतीकृत लाइन के लिए आवश्यक 244 हेक्टेयर भूमि का पूर्ण अधिग्रहण हो चुका है। प्रथम चरण में घुघली से महराजगंज तथा द्वितीय चरण में महराजगंज से आनंदनगर तक कार्य होगा। प्रथम चरण के टेंडर प्रक्रिया की पूर्णता के बाद निर्माण कार्य कई मोर्चों पर शुरू हो चुका है।
बुनियादी ढांचे का व्यापक निर्माण
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने ‘दैनिक समाचार’ को बताया, “परियोजना में एक रोड ओवरब्रिज सहित 25 बड़े पुल, 08 छोटे पुल, 44 सड़क अंडरब्रिज तथा सीमित ऊंचाई के सब-वे बनाए जा रहे हैं। आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर निर्माण कार्य आरंभ हो चुका है।” इसके अलावा, आनंदनगर-घुघली के बीच चार नए हाल्ट स्टेशन—पिपरा मुंडेरी, शिकारपुर, पकड़ी नौनिया और परसिया बुजुर्ग—का निर्माण प्रगति पर है। आनंदनगर स्टेशन यार्ड का विस्तार व महराजगंज स्टेशन भवन का निर्माण भी शुरू हो गया है।
क्षेत्रीय विकास को नई ऊंचाई
इस रेल लाइन से तराई के महराजगंज जनपद का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा। जिला मुख्यालय रेल मार्ग से सीधे जुड़ जाएगा, जिससे कृषि उत्पादों, उद्योगों व व्यापार को अपार लाभ मिलेगा। पश्चिमोत्तर भारत से वाल्मीकि नगर-रक्सौल होते पूर्वोत्तर राज्यों के लिए वैकल्पिक रेल मार्ग बनेगा, जिससे गोरखपुर-गोंडा खंड पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। पड़ोसी नेपाल को भी रेल संपर्क का लाभ पहुंचेगा।
वर्तमान में गोंडा से पनियहवा (आनंदनगर वाया गोरखपुर-घुघली) की दूरी 307 किमी है, जो नई लाइन से 42 किमी घटकर मात्र 265 किमी रह जाएगी। गोरखपुर बाईपास होने से गोरखपुर जंक्शन पर बोझ हल्का होगा। सीमेंट, खाद, कोयला, अनाज व अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई सुगम होगी। स्थानीय उद्यमियों का मानना है कि इससे रोजगार सृजन व आर्थिक उन्नति को गति मिलेगी।
पूर्वोत्तर रेलवे ने समयबद्ध पूर्णता का लक्ष्य रखा है, जिससे क्षेत्रवासियों में उत्साह है।

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