पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज ( घुघली) पल्टू मिश्रा
महराजगंज। जिले में अवैध मिट्टी खनन का खेल लगातार बेलगाम होता जा रहा है। सवना गांव, कोतवाली महराजगंज क्षेत्र में मिट्टी लदी तेज रफ्तार ट्राली की चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई, लेकिन इस हादसे के बाद भी जिम्मेदार विभागों की आंखें नहीं खुल रही हैं। क्षेत्र में दिन-रात फर्राटे भरती मिट्टी लदी ट्रालियां लोगों के लिए मौत बनकर दौड़ रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों पर बिना नंबर, बिना रजिस्ट्रेशन और बिना परमिट की ट्रालियां खुलेआम दौड़ रही हैं। इतना ही नहीं, कई ट्रालियों को नाबालिग चालक चला रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ गया है। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार और ट्रालियों की गर्जना से गांवों का माहौल दहशत में बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन का कारोबार प्रशासन की आंखों के सामने धड़ल्ले से चल रहा है, लेकिन कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नजर आती है। यातायात विभाग और खनन विभाग की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जब तक बड़े हादसे नहीं होते, तब तक विभागीय अधिकारी नींद से नहीं जागते।
महिला की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, तेज रफ्तार ट्रालियों पर कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन नहीं चेता, तो आने वाले दिनों में और भी कई परिवार हादसों का शिकार हो सकते हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर अवैध खनन और मौत बनकर दौड़ रही इन ट्रालियों पर अंकुश कौन लगाएगा? क्या प्रशासन किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
फर्राटे भरती मौत की ट्रालियां: महिला की जान गई, फिर भी नहीं टूटी खनन विभाग की नींद










