सुबह बाघ ने ले भागी बेटी, रात में निकली आशिक़ के साथ लखनऊ में रंगरलियां मनाते
सीतापुर में ‘बाघ कांड’ की हकीकत ने उड़ा दिए सबके होश, मां की चीख से कांप उठा गांव
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो सीतापुर।
खबर ( राजेश कुमार वर्मा)
जिले में गुरुवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला की दिल दहला देने वाली चीखें गूंजने लगीं “बाघ खींच ले गया मेरी बिटिया को!”
गांव में अफरा-तफरी मच गई। खेतों की ओर दौड़ते ग्रामीण, लाठी-डंडों से लैस, हर ओर नजरें टिकाए बाघ को खोजने में लग गए। पुलिस, वन विभाग, और यहां तक कि ड्रोन और थर्मल कैमरे तक उतर आए मैदान में।
घटना थी मछरेहटा इलाके की, जहां सुबह-सुबह गन्ने के खेत के पास से एक लड़की “गायब” हो गई। मां का दावा था “बाघ आ गया था, बिटिया को खेत में खींच ले गया!”
गांववालों की आंखों में डर, और प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें साफ़ दिखने लगीं।
लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, हकीकत सामने आई तो सबकी बोलती बंद हो गई।
*ना बाघ के पंजे के निशान,*
*ना खेतों में खून का कोई धब्बा,*
*ना कोई चीख-पुकार की गवाही।*
और फिर जो सच सामने आया, उसने पूरे गांव को झकझोर दिया,
जिस बेटी को मां जंगल में बाघ का शिकार समझ रही थी, वो तो लखनऊ में अपने प्रेमी की बाहों में पाई गई!
पुलिस ने जब मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज खंगाला, तो लड़की एकदम सलामत, प्रेमी के साथ शॉपिंग करती नजर आई।
मां की छाती पीटने की वजह कुछ और ही निकली.. बेटी “बाघ” नहीं, इश्क़ के बहाव में बहकर भागी थी!
गांव में अब बाघ से ज्यादा चर्चा प्रेमी की है, और प्रशासन सोच में पड़ा है.. अगली बार ‘बाघ’ की सूचना से पहले ‘प्रेमी’ की तलाश कर लेनी चाहिए क्या?










