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कलयुगी शूर्पणखाओं का दहन: इंदौर में दशहरे पर महिला अपराधों के खिलाफ अनोखी पहल

कलयुगी शूर्पणखाओं का दहन: इंदौर में दशहरे पर महिला अपराधों के खिलाफ अनोखी पहल

 

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो इंदौर। 

खबर ( राजेश कुमार वर्मा)

इस बार इंदौर का दशहरा एक खास सामाजिक संदेश लेकर आ रहा है। रावण दहन की पारंपरिक परंपरा को नया रूप देते हुए, महालक्ष्मी नगर के मेला ग्राउंड में 11 मुखों वाला ‘शूर्पणखा’ का पुतला जलाया जाएगा- जिनके चेहरों पर उन महिलाओं की तस्वीरें होंगी, जो अपने पति या बच्चों की हत्या, ठगी, तस्करी और गंभीर अपराधों में संलिप्त पाई गई हैं।

 

इस अनोखे आयोजन की पहल पत्नी पीड़ित पुरुषों की संस्था ‘पौरुष’ द्वारा की गई है, जो महिला अपराधों को लेकर समाज को जागरूक करने का उद्देश्य लेकर काम कर रही है। संस्था का कहना है कि जैसे महिलाएं पुरुषों द्वारा किए अपराधों की पीड़िता बनती हैं, वैसे ही पुरुष भी कई बार महिला अत्याचार का शिकार होते हैं, लेकिन इस पर समाज में चर्चा नहीं होती।

 

*11 मुख, 11 कहानियां*

 

इस खास पुतले में 11 महिलाओं के चेहरे होंगे, जिन्हें ‘आधुनिक कलयुगी शूर्पणखा’ का प्रतीक माना गया है। इनमें इंदौर की सोनम रघुवंशी का चेहरा प्रमुख रहेगा, जिसने हनीमून पर पति राजा रघुवंशी की हत्या कर दी थी। वहीं मेरठ की मुस्कान, जिसने अपने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या कर शव को ड्रम में छिपाया, का नाम भी शामिल है।

 

अन्य नामों में शामिल हैं.. हर्षा (राजस्थान), निकिता सिंघानिया (जौनपुर), सुष्मिता (दिल्ली), रविता (मेरठ), शशि (फिरोजाबाद), सूचना सेठ (बेंगलुरु), हंसा (देवास), चमन उर्फ गुड़िया (मुंबई), और प्रियंका (औरैया)। इन पर हत्या, ठगी, तस्करी, ब्लैकमेलिंग और अन्य संगीन आरोप हैं।

 

*शूर्पणखा की सेना निकलेगी जुलूस में*

 

दशहरे के दिन (2 अक्टूबर) शाम 6:30 बजे दहन कार्यक्रम आयोजित होगा। इससे पहले बॉम्बे अस्पताल चौराहे से ‘शूर्पणखा और उसकी सेना’ का जुलूस ढोल-नगाड़ों के साथ निकलेगा, जो मेला मैदान तक पहुंचेगा।

 

इस आयोजन में राजा रघुवंशी के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है, जिनकी बहू पर हत्या का आरोप है। शहरभर में प्रचार के लिए पोस्टर, बैनर और वाहन प्रचार शुरू हो चुका है।

 

*समाज को जागरूक करने का प्रयास*

 

‘पौरुष’ संस्था के संस्थापक विवेक दशोरा ने बताया कि “यह आयोजन किसी भी जेंडर के खिलाफ नहीं, बल्कि यह दर्शाने के लिए है कि अपराधी चाहे पुरुष हो या महिला, उसे समाज नजरअंदाज न करे।”

 

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर जो महिलाएं कानून का दुरुपयोग कर रही हैं, उनसे भी सतर्क रहना होगा।

 

इस दशहरे पर इंदौर से उठ रही यह आवाज समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास है कि अपराधी सिर्फ पुरुष नहीं होते, पीड़ित सिर्फ महिला नहीं होती।

 

बॉक्स आइटम-

 

🔸 *आयोजन तिथि:* 2 अक्टूबर (दशहरा)

🔸 *स्थान:* महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड, इंदौर

🔸 *मुख्य आकर्षण:* 11 मुखों वाला शूर्पणखा पुतला

🔸 *उद्देश्य:* महिला अपराधों पर सामाजिक चेतना और पुरुष पीड़ितों की आवाज़

🔸 *आयोजक:* ‘पौरुष’ संस्था

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