भीगा बनारस, बरसी आस्था: मानसूनी बादलों ने जाते-जाते फिर किया धरती को सराबोर
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो, वाराणसी।
गुरुवार 2 अक्तूबर की रात से ही गड़गड़ाहट और रिमझिम फुहारों ने बनारस को बिछाई अपनी आंचल में भिगो दिया। जाते-जाते मानसून ने अपने अंतिम रंग बिखेर दिए और वाराणसी की गलियों, घाटों और मंदिरों को जनश्रद्धा की वर्षा से लौटा दिया।
इंद्रदेव भी भावुक हुए
शहर की हवाओं में जैसे भक्ति की तरंगें घुल गई थीं। इंद्रदेव भी मानो उस आस्था का हिस्सा बन गए.. छतरियों के नीचे भीगते श्रद्धालुओं ने राम-भरत मिलन सहित कई कार्यक्रमों को भिगोते मौसम में ही हर्षोल्लास से सम्पन्न किया।
मिली मौसम विभाग की जानकारी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी में बीते 24 घंटे में लगभग 15 मिमी बारिश हुई (मौसम स्रोत).
तापमान रहा — अधिकतम 30°C और न्यूनतम 25°C।
कल रात 11 बजे तक की स्थिति में हल्की बूंदाबांदी जारी रही, बादल मंडराते रहे और छिटपुट वर्षा का दौर जारी रहा।
मौसम का रुख आगे कैसा रहेगा?
4 अक्टूबर (शनिवार): दिनभर रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
5 अक्टूबर (रविवार): अधिकांशतः बादल छाए रहेंगे, कहीं‑कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।
अगले 48 घंटों में पूर्वी भारत के कई हिस्सों में वर्षा जारी रहने की संभावना है।
चेतावनी- जलभराव, फिसलन और दृश्यता में कमी की संभावना पर सतर्क रहने की अपील की गई है।
प्रदेश और आसपास का मिजाज
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे गोरखपुर, जौनपुर, आज़मगढ़, बलिया में भी तेज बारिश हुई। लखनऊ एवं आसपास के क्षेत्रों में बादलों की सक्रियता बनी हुई है।
देशभर में मानसून विदाई की ओर है, पर अभी भी मध्य और पूर्वी इलाकों पर प्रभुत्व बनाए रखा हुआ है।










