अनिवार्य रूप से टीईटी लागू किए जाने के विरोध मे सांसद को रा.शै.महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो कुशीनगर
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कुशीनगर के एक प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को कुशीनगर सांसद विजय कुमार दुबे को एक महत्त्वपूर्ण ज्ञापन रविंद्र नगर में सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया की देशभर के अनुभवी एवं वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर अनिवार्य टीईटी लागू करने का निर्णय न केवल अव्यावहारिक है बल्कि यह शिक्षकों के सम्मान,अनुभव तथा शिक्षा व्यवस्था में उनके दीर्घकालिक योगदान की उपेक्षा भी करता है।गोरखपुर मंडल अध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने कहा कि अनेक शिक्षक लंबे समय से विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्ट सेवाएँ दे रहे हैं तथा उनकी कार्यक्षमता सिद्ध एवं संतोषजनक है। ऐसे में उन पर पुनः टीईटी अनिवार्य करना अनुचित एवं असंगत है।जिलाध्यक्ष अविनाश शुक्ल ने बताया कि यह निर्णय शिक्षकों पर अनावश्यक मानसिक दबाव उत्पन्न करता है और स्थिरता के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता को भी प्रभावित करने की आशंका पैदा करता है।प्रतिनिधि मंडल ने सांसद से अनुरोध किया कि वे इस मुद्दे को संसद और सरकार के समक्ष प्रभावशाली ढंग से उठाएँ, ताकि देशभर के शिक्षकों को इस अनिवार्य व्यवस्था से राहत मिल सके तथा उनके अनुभव, योग्यता और सेवाओं का सम्मान सुरक्षित रखा जा सके।सांसद विजय कुमार दुबे ने शिक्षकों की भावनाओं को गंभीरता से सुना और प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं को उचित मंच पर मजबूती से रखा जाएगा। प्रतिनिधि मंडल ने आशा व्यक्त की कि सरकार शिक्षकों के हित में शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगी और उनके सम्मान को बनाए रखेगी।
इस दौरान उपाध्यक्ष दिलीप पांडेय, महेश कर्णधार, रविंद्र नारायण पाण्डेय, राम कुमार मिश्रा, तसव्वुर, दुर्गेश कुमार त्रिपाठी,शैलेश शुक्ला, अरुण राव,विकास तिवारी आदि उपस्थित रहे।
अनिवार्य रूप से टीईटी लागू किए जाने के विरोध मे सांसद को रा.शै.महासंघ ने सौंपा ज्ञापन










