एसवीएम अस्पताल,भेलूपुर की सेवाओं ने बदली धारणा
मरीज को मिला त्वरित उपचार, परिजनों ने की डॉक्टरों व स्टाफ़ की सराहना
वाराणसी, 12 दिसंबर 2025 अचानक सीने में दर्द की शिकायत और 78 वर्षीय बुज़ुर्गा की गंभीर स्थिति—ऐसे में आमतौर पर परिजनों के मन में घबराहट होना स्वाभाविक है। लेकिन वाराणसी के स्वामी विवेकानंद मेमोरियल राजकीय चिकित्सालय, भेलूपुर ने अपनी त्वरित, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं से न सिर्फ़ एक परिवार को राहत दी, बल्कि सरकारी अस्पतालों की धारणा को भी बदलकर रख दिया। इसकी जानकारी शैक्षिक सलाहकार पुरुषोत्तम सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी की फेसबुक वॉल को टैग करते हुए दी है।
पुरुषोत्तम सिंह, शैक्षणिक सलाहकार, ने बताया कि धार्मिक नगरी वाराणसी में भ्रमण के दौरान उनकी माता श्रीमती निशा सिंह उम्र 78 वर्ष की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज़ दर्द होने पर तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें एसवीएम अस्पताल पहुँचाया गया।
उन्होंने ने कहा कि शुरुआत में उनके मन में सरकारी अस्पतालों को लेकर वही पुरानी आशंकाएँ थीं—भीड़-भाड़, गंदगी, लापरवाही और स्टाफ़ का असहयोग। लेकिन अस्पताल पहुँचते ही उनकी सोच पूरी तरह बदल गई।
अस्पताल का साफ़-सुथरा वातावरण, स्वच्छ चादरें, व्यवस्थित वार्ड और शांत माहौल देखकर उन्हें तत्काल सुकून मिला। इसके बाद चिकित्सा टीम ने बिना समय गंवाए मरीज की जाँच शुरू कर दी। तुरंत ईसीजी किया गया, ज़रूरी दवाएँ दी गईं और पूरी मेडिकल टीम लगातार मॉनिटरिंग में जुटी रही।
डॉक्टरों, नर्सों और सफ़ाईकर्मियों के सहयोगी व्यवहार से प्रभावित पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि पूरे इलाज के दौरान स्टाफ़ बेहद संवेदनशील, जिम्मेदार और सक्रिय नज़र आया। उनकी माता पूरी तरह स्थिर हो गईं और स्वास्थ्य में सुधार स्पष्ट दिखा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ़ और सफ़ाईकर्मियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि—
“सरकारी अस्पतालों में मिल रही उच्चस्तरीय सुविधाएँ और स्टाफ़ की निष्ठा वास्तव में प्रशंसनीय है। इस अनुभव ने सरकारी चिकित्सा सेवाओं पर मेरा भरोसा और मजबूत किया है।”
एसवीएम अस्पताल द्वारा दी गई समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवा ने एक बुज़ुर्ग मरीज की जान बचाने के साथ-साथ शहर के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की सकारात्मक छवि को और मजबूत किया है।










