पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। हुकुम छपरा गंगापुर में रविवार को महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम के तत्वावधान में लक्ष्मीनारायण महायज्ञ और सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार के लिए ध्वजारोहण किया गया। यह महायज्ञ गंगा तट पर 28 मार्च से 5 अप्रैल तक आयोजित होगा। ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान गंगा घाट का वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जयघोष से भक्तिमय हो उठा। गुरुकुलम के आचार्यों और वैदिक बटुकों की उपस्थिति में विधिवत पूजन-अर्चन के बाद यज्ञ ध्वज स्थापित किया गया।
गुरुकुलम के आचार्य मोहित पाठक ने महायज्ञ के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लक्ष्मीनारायण महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और परिवार के कल्याण का महापर्व है। उन्होंने सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार को सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना और वैदिक संस्कारों के संरक्षण का प्रयास बताया। यह यज्ञ पिछले तीन वर्षों से आयोजित हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन काशी की गंगा आरती जैसा दृश्य देखने को मिलता है।
इस अवसर पर आचार्य मनीष अमन पाण्डेय, पप्पू ओझा, राजकुमार उपाध्याय, संतोष पासवान, विनोद सिंह, डॉ. सुनील ओझा, विवेक सहित कई श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे। गंगा तट पर हुए इस ध्वजारोहण ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और उत्साह का संचार किया है। आयोजन समिति ने सभी सनातन धर्मप्रेमियों से 28 मार्च से 5 अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने और यज्ञ को सफल बनाने का निवेदन किया है।
गंगापुर में महायज्ञ का ध्वजारोहण 28 मार्च से 5 अप्रैल तक होगा लक्ष्मीनारायण महायज्ञ









