पूर्वांचल राज्य संवाददाता: दीपू तिवारी
रेणुकूट (सोनभद्र) स्थानीय नगर क्षेत्र में बीते चार दिनों से रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। गैस एजेंसियों पर समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे घरेलू उपयोग के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी असर पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं गैस एजेंसियों के कर्मचारियों के अनुसार, बीते चार दिनों में मात्र दो ही लोड गैस सिलेंडर आए हैं, जबकि नगर में प्रतिदिन लगभग एक लोड की खपत होती है।
तकनीकी समस्या भी परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है। सर्वर फेल होने के कारण नए सिलेंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही है। इसके अलावा, एजेंसियों से वितरित किए गए सिलेंडर भी कंपनी के पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिससे एजेंसियों के खाते में सिलेंडर बैलेंस दिखाई दे रहा है और नया लोड मंगाने में कठिनाई हो रही है।
कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भी असर पड़ा है। हिंडालको और ग्रासिम जैसी बड़ी कंपनियों की कैंटीन में सिलेंडर न मिलने के कारण संचालन प्रभावित हुआ। वहीं नगर के कई छोटे-बड़े होटल और ढाबे भी गैस की कमी के चलते बंद होने की स्थिति में हैं।
इंडियन ऑयल के क्षेत्रीय अधिकारी हर्ष गुप्ता ने बताया कि गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। पहले डिलीवरी अगले दिन होती थी, जबकि अब तीन-चार दिन का समय लग रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एक साथ बड़ी संख्या में बुकिंग होने के कारण सर्वर डाउन हो जाता है, लेकिन शाम छह बजे के बाद यह सामान्य रूप से काम करने लगता है।
फिलहाल, गैस आपूर्ति और तकनीकी समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी।










