पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के संयोजन में 95वें शहीद दिवस के अवसर पर अमर बलिदानी भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर को नमन किया गया। इस अवसर पर निदेशक शैक्षणिक डॉ० पुष्पा मिश्रा ने इनके बलिदान को नमन करते हुए छात्रों को इनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ अजय चौबे ने भगत सिंह के साहित्य पर व्यापक चर्चा किया। राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ अनुराधा राय ने क्रान्तिकारी आन्दोलन, तत्कालीन वैश्विक परिस्थितियां और भारत पर उनका प्रभाव की विस्तार से चर्चा की। इन्होंने भगत सिंह की वैचारिकी और इनसे विद्यार्थियों को प्रेरणा लेने की भी बात की। मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के डॉ शैलेन्द्र कुमार सिंह ने क्रान्तिकारी आन्दोलन पर व्यापक चर्चा किया। उन्होंने सचिन्द्र नाथ सान्याल के बंदी जीवन और यात्रा कर रहे वायसराय इर्विन की ट्रेन 23 दिसंबर 1930 को बम से उड़ा देने के प्रयास के बाद गांधी जी द्वारा यंग इण्डिया में 22 जनवरी 1931 को दि कल्ट ऑफ दि बम शीर्षक से इस गतिविधि की आलोचना किया जाना, इसके जवाब में चन्द्रशेखर आज़ाद के प्रोत्साहन से भगवती चरण बोहरा द्वारा दि फिलासफ़ी ऑफ दि बम लिख कर अपनी वैचारिकी को स्पष्ट किया जाना सहित वर्तमान में इनसे विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण के लिए अपने हिस्से का प्रयास ईमानदारी से करने की प्रेरणा लेने को प्रोत्साहित किया। प्राचीन इतिहास विभाग के डॉ विनीत कुमार सिंह ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, पं जवाहर लाल नेहरु और हॉरसे विलियम्सन द्वारा भगत सिंह पर दिए गए विचारों को उदधृत करते हुए क्रान्तिकारी दौर पर व्यापक विमर्श प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों में पूजा गुप्ता, अंजलि वर्मा, नीतू ठाकुर, पूजा यादव, अमूल्य रत्न सिंह, आदित्य सिंह आदि ने अपने विचार रखे। संचालन सुधांशु पाण्डेय और धन्यवाद शाश्वत राय ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ छविलाल, डॉ लाल विजय सिंह, आदि सहित सभी छात्र छात्रायें व कर्मचारी उपस्थित रहे ।
जेएनसीयू में भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव के अमर बलिदान की स्मृतियों को किया गया नमन










