पूर्वांचल राज्य
वाराणसी। शहर के गांधीनगर सिगरा क्षेत्र से डाक विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार के बच्चे का आधार कार्ड चार बार घर तक नहीं पहुंचाया गया, जबकि आधिकारिक रजिस्टर में “घर बंद होने” की गलत टिप्पणी दर्ज कर दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित गोपाल सिंह निवासी मकान संख्या 58/12-22, सिगरा ने अपने पुत्र का आधार कार्ड दिनांक 26 फरवरी 2026 को बनवाया था। निर्धारित समय के बाद भी आधार कार्ड न मिलने पर उन्होंने डाकघर में संपर्क किया।
जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित डाकिए द्वारा चार बार आधार कार्ड की डिलीवरी दिखाते हुए अपने कार्यालय रजिस्टर में यह अंकित किया गया कि “घर पर ताला लगा हुआ था”। जबकि पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके घर पर लगातार लोग मौजूद रहते हैं और ऐसी कोई स्थिति नहीं थी।
पीड़ित का आरोप है कि बिना घर पहुंचे ही डाकिए ने फर्जी तरीके से डिलीवरी का प्रयास दर्शाया, जिससे महत्वपूर्ण दस्तावेज समय पर प्राप्त नहीं हो सका। इस लापरवाही के कारण परिवार को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले को लेकर पीड़ित ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों, महमूरगंज स्थित अधीक्षक डाकघर को लिखित शिकायत भेजकर जांच और दोषी कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस प्रकार की लापरवाही पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आम लोगों को आवश्यक सरकारी दस्तावेज प्राप्त करने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल, मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।
डाकिए की लापरवाही उजागर: चार बार नहीं पहुंचाया बच्चे का आधार कार्ड, रजिस्टर में गलत रिपोर्ट दर्ज










