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पैतृक जमीन पर बुलडोजर न्याय? दबंगों के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, डीएम ने दिया जांच का आदेश

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज/घुघली

निचलौल क्षेत्र के गंडक नदी पार बसे सोहगीबरवा इलाके के शिकारपुर गांव में पैतृक जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दर्जनों ग्रामीणों ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर दबंगों पर जबरन बेदखली और खड़ी फसल को ट्रैक्टर से रौंदने का गंभीर आरोप लगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पुश्त-दर-पुश्त अपनी जमीन पर खेती कर जीविकोपार्जन करते आ रहे हैं, लेकिन अब गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोग राजस्व विभाग की मिलीभगत से उनकी जमीन पर कब्जा दिलाने में जुटे हैं। आरोप है कि 50 डिस्मिल पट्टे की जमीन, जिस पर कभी कब्जा नहीं रहा, उसे अवैध रूप से एक महिला के नाम बैनामा कर दिया गया और अब उसी के नाम पर आसपास के करीब 50 से अधिक किसानों की पैतृक व निजी जमीन पर कब्जा परिवर्तन किया जा रहा है।
खड़ी फसल रौंदी, किसानों की मेहनत पर चला ट्रैक्टर
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कब्जा दिलाने के दौरान उनकी खड़ी फसलों को ट्रैक्टर से रौंद दिया गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ितों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन कब्जाने का मामला नहीं, बल्कि उनके जीवन-यापन पर सीधा हमला है।
राजस्व कर्मियों पर भी गंभीर आरोप
मामले में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे अपनी जमीन की मांग करते हैं तो उन्हें उनका वास्तविक नंबर नहीं बताया जाता, बल्कि उल्टा मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी जाती है।

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