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जिले में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने हेतु कर्मयोगी पोर्टल पर ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य, एक माह में प्रमाण-पत्र जमा करने के निर्देश

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज। जिले में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सभी संबंधित विभागों के कर्मियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी ने इस प्रशिक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी किए हैं।
जिला आपदा विशेषज्ञ चंदन द्विवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में बाढ़, वज्रपात, सर्पदंश, लू, शीतलहर, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान जैसी आपदाएं आम हैं। पिछले वर्ष महराजगंज जिले में ही वज्रपात से 12 लोगों की मौत और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 500 से अधिक परिवार विस्थापित हुए थे। ऐसी स्थिति में अधिकारियों का प्रशिक्षित होना त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “आपदा के दौरान हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षित अधिकारी ही संसाधनों का सही उपयोग कर जनहानि को न्यूनतम कर सकते हैं।”
इस प्रशिक्षण का दायरा व्यापक है। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार सहित सभी एसडीएम, बीडीओ, सीओ और अन्य विभागाध्यक्षों को यह पूरा करना होगा। कर्मयोगी पोर्टल (karmayogi.gov.in) पर उपलब्ध कोर्सों में आपदा योजना निर्माण, जोखिम आकलन, संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग, बाढ़ प्रबंधन, वज्रपात से बचाव, आपातकालीन चिकित्सा और पुनर्वास जैसे विषय शामिल हैं। ये कोर्स मोबाइल ऐप के माध्यम से भी पूरे किए जा सकते हैं, जो व्यस्त अधिकारियों के लिए सुविधाजनक हैं।
द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण एक माह के भीतर समाप्त कर प्रमाण-पत्र संबंधित प्राधिकरण को जमा करना अनिवार्य होगा। अनुपालन न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह प्रशिक्षण न केवल अधिकारियों की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि आम जनता को जागरूक करने और राहत कार्यों को समन्वित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। उदाहरणस्वरूप, सही जोखिम आकलन से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पूर्व चेतावनी जारी कर सैकड़ों जानें बचाई जा सकती हैं।”
जिला प्रशासन ने अधिकारियों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और कोर्स ट्रैकिंग के लिए विशेष सेल भी गठित किया है। अपर जिलाधिकारी ने कहा, “आपदा प्रबंधन जिले की प्राथमिकता है। यह कदम हमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मानकों के अनुरूप मजबूत बनाएगा।” विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जिले की आपदा तैयारियों में 30-40 प्रतिशत सुधार होगा।

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