लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस में इस वर्ष 1 लाख नई भर्तियों का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह भर्तियां होमगार्ड, सिपाही और दरोगा जैसे विभिन्न पदों पर की जाएंगी, जिससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे।
कार्यक्रम में सीएम ने पुलिस विभाग में चयनित 936 रेडियो ऑपरेटरों को जॉइनिंग लेटर भी वितरित किए और उनके साथ संवाद कर उत्साह बढ़ाया।
🔴 9 साल में रिकॉर्ड भर्ती, पारदर्शिता पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में 2.20 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों की कुल पुलिस संख्या भी इससे कम है।
⚡ बिना सिफारिश, योग्यता के आधार पर नौकरी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब भर्ती प्रक्रिया में
- न सिफारिश की जरूरत है
- न पैसे का खेल
- सिर्फ योग्यता और नियमों के आधार पर चयन
उन्होंने हाल ही में 60,244 सिपाहियों की भर्ती और ट्रेनिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि अब यूपी में ट्रेनिंग क्षमता भी काफी बढ़ चुकी है।
🏗️ पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
सीएम ने बताया कि 2017 से पहले कई जिलों में पुलिस लाइन तक नहीं थी, लेकिन अब—
- आधुनिक पुलिस लाइनें
- हाईराइज बैरक
- मॉडल थाने
- नए फायर स्टेशन
- महिला पुलिस बटालियन
- एसएसएफ और एसडीआरएफ जैसी विशेष इकाइयों का गठन
📈 कानून व्यवस्था से विकास को बल
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “कानून का राज ही विकास की पहली गारंटी है।”
उन्होंने दावा किया कि बेहतर कानून व्यवस्था के कारण ही बड़े निवेशक यूपी में निवेश कर रहे हैं।
🎯 युवाओं के लिए बड़ा मौका
सीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर योग्य और सक्षम युवा को पुलिस सेवा में शामिल होने का अवसर मिले।
🧠 फिटनेस और जिम्मेदारी पर जोर
उन्होंने पुलिसकर्मियों को संदेश देते हुए कहा कि शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है, ताकि वे 25 करोड़ जनता की बेहतर सेवा कर सकें।
- 1 लाख भर्तियों का ऐलान = युवाओं के लिए बड़ा मौका
- पारदर्शी भर्ती = सिस्टम पर भरोसा मजबूत
- कानून व्यवस्था = निवेश और विकास की कुंजी
📌 निष्कर्ष
यूपी पुलिस में बड़े पैमाने पर भर्ती का यह ऐलान न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।










