पूर्वांचल राज्य संवाददाता: दीपू तिवारी
सोनभद्र। ओबरा तहसील अंतर्गत रेणुका पुल के पास स्थित खैरटिया गांव में रविवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने ऐश डैम से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व अपना दल (एस) के जिलासचिव शिव दत्त दुबे ने किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि ओबरा तापीय परियोजना से निकलने वाली राख को खुले में डंप किया जा रहा है और उस पर मिट्टी की कोई परत नहीं डाली जा रही है। तेज हवा के साथ यह राख उड़कर सीधे आवासीय क्षेत्रों में पहुंच रही है, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई घरों में 2 इंच तक राख जमा हो जाती है, जिससे अनाज, कपड़े और घर का वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो रहा है।
स्थानीय निवासी नीरज रेड्डी ने बताया कि स्थिति इतनी खराब है कि सुबह नहाने के दौरान बालों से भी राख निकलती है और सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार ओबरा परियोजना के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि राख के डंपिंग स्थल का समुचित समतलीकरण कर उस पर मिट्टी की परत डाली जाए तथा बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाए, ताकि क्षेत्र को फिर से हरा-भरा बनाया जा सके।
उनका कहना है कि परियोजना के निर्माण से पहले यह इलाका प्राकृतिक ग्रीन बेल्ट था, जो अब पूरी तरह उजड़ चुका है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि फ्लाई ऐश के कारण पानी प्रदूषित हो रहा है और लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। गांव में टीबी जैसे रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने और क्षेत्र को पुनः ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित करने की मांग की है।










