असम बीजेपी में असंतोष। पूर्व विधायक विनन्द शैकिया के बाद पूर्व विधायक मानसिंह रोंगपी का बीजेपी से त्यागपत्र।
पंकज नाथ, असम, 5 सितंबर :
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा शर्मा हमेशा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक शक्तिशाली और सुदृढ़ संगठन बताते आए हैं, किंतु अब स्थिति यह हो गई है कि असम बीजेपी से एक के बाद एक नेता इस्तीफा देते जा रहे हैं। कुछ दिन पहले ही सिपाझार विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विनन्द शैकिया ने बीजेपी छोड़ दी थी और उसके तुरंत बाद, कार्बी आंगलोंग जिले के बैथालांगसो से तीन बार के विधायक रह चुके डॉ. मानसिंह रोंगपी ने बृहस्पतिवार को बीजेपी से इस्तीफा दिया। रोंगपी ने घेलानी स्थित पार्टी कार्यालय में जिला इकाई के माध्यम से असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप शैकिया को अपना त्यागपत्र सौंपा। इस्तीफे के बाद उन्होंने भाषण देते हुए पार्टी की वर्तमान कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और कहा कि – “पुरानी बीजेपी कहाँ है? बीजेपी पर नवागंतुकों का कब्ज़ा हो गया है। हमारे जैसे पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं की न तो कोई इज़्ज़त है और न ही कोई मान्यता है इस समय की बीजेपी में। ”कार्बी आंगलोंग की राजनीति में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है। वर्ष 2006 से 2016 तक वे लगातार तीन बार कांग्रेस विधायक के रूप में बैथालांगसो से चुने गए थे। बाद में 2016 में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और उपचुनाव में अपनी सीट बरकरार भी रखी। लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में जब उन्हें टिकट से वंचित रखा गया, तब से ही उनका पार्टी से संबंध कमजोर होने लगा। इससे पहले भी पहाड़ी जिलों में आंतरिक कलह और गुटबाज़ी ने असम बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं। ऐसे में रोंगपी का त्यागपत्र पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। खासकर आगामी चुनावी जंग की तैयारी के वक्त, कार्बी आंगलोंग जैसे ज़िले में मजबूत जनाधार वाले एक वरिष्ठ नेता का पार्टी छोड़ देना, संगठन की एकजुटता बनाए रखने की कोशिशों को और चुनौतीपूर्ण बना देगा — ऐसा राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है।










