प्रजा के लिए प्राण भी न्योछावर कर दूंगा…” कहते हुए मंच पर गिरे दशरथ, रामलीला में भावुक पल बना अंतिम दृश्य
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो चंबा (हिमाचल प्रदेश)।
(संवाददाता- राजेश कुमार वर्मा)
चंबा की ऐतिहासिक रामलीला के मंच पर उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब दशरथ की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ कलाकार अमरेश महाजन ने मंच पर संवाद बोलते हुए प्राण त्याग दिए।
“मैं अपनी प्रजा के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दूंगा…” यह अंतिम संवाद उनके होंठों पर था, और ये शब्द जैसे उनके जीवन की आखिरी अभिव्यक्ति बन गए। दर्शकों को क्षणभर को यह लगा कि यह भी अभिनय का हिस्सा है, लेकिन अगले ही पल मंच की गंभीरता ने सबको स्तब्ध कर दिया।
73 वर्षीय अमरेश महाजन, जो पिछले चार दशकों से रामलीला में राजा दशरथ की भूमिका निभाते आ रहे थे, मंगलवार रात मंच पर अचानक साथी कलाकार की ओर झुक पड़े और फिर कभी नहीं उठे।
माना जा रहा है कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। तुरंत मंच से उतारकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनकी मृत्यु से पूरे चंबा नगर में शोक की लहर दौड़ गई है। रामलीला समिति ने आगामी सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और दर्शकों के अनुसार, अमरेश महाजन दशरथ की भूमिका में इतने सहज और प्रभावशाली होते थे कि हर साल रामलीला की आत्मा वही होते थे। मंच पर उनका समर्पण, भाव और संवाद अद्वितीय होते थे।
रामलीला के मंच पर राजा दशरथ का यूं असली विदा लेना, एक भावुक और अविस्मरणीय पल बन गया—जिसे वहां मौजूद हर व्यक्ति जीवनभर नहीं भूल पाएगा।










