मयूरी ने दहेज में मांगी कार, मयूर ने करवाया ट्रांसफर, प्यार के नाम पर 12 लाख की लूट!
दहेज में कार ली, किश्तें लड़के से भरवाई, फिर बोली– अब शादी नहीं करूंगी!
हरिद्वार की मयूरी और उसके भाई मयूर पर वाराणसी युवक से लाखों की ठगी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी।
(संवाददाता- राजेश कुमार वर्मा)
“शादी कर लो, बस पापा की तबीयत ठीक हो जाए…” ये कहकर मयूरी कक्कड़ ने वाराणसी के युवक आकाश चंद्रा से न सिर्फ 12.50 लाख रुपये ऐंठ लिए, बल्कि ईएमआई पर कार भी खरीदवा ली, जिसकी हर किस्त वो खुद भरता रहा। मगर जब शादी की बात आई, तो लड़की और उसका परिवार मुकर गया। बात जब ज्यादा बढ़ी, तो आकाश को धमकी तक दे डाली गई “रुपये मांगे तो रेप केस में फंसा देंगे!”
यह फिल्मी साजिश जैसा मामला, असल जिंदगी में वाराणसी के आकाश चंद्रा के साथ घटा। पीड़ित की शिकायत पर अब कैंट थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर हरिद्वार की मयूरी कक्कड़, उसके पिता अनिल कक्कड़ और भाई मयूर कक्कड़ के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शादी का वादा, लाखों की ठगी
जानकारी के मुताबिक, 2020 में आकाश की मयूरी से मुलाकात एक वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से हुई थी। बातचीत बढ़ी, परिवारों की सहमति बनी और बात शादी तक पहुंची। इसी दौरान मयूरी ने पिता की तबीयत का हवाला देते हुए आकाश से पहले 70 हजार रुपये मांगे। फिर बहाने बनाकर कुल 12.50 लाख रुपये मयूरी और उसके भाई मयूर के खातों में जमा कराए गए।
कार भी ली, किश्तें भी लड़का भरे
जुलाई 2022 में मयूरी और उसके परिवार ने आकाश से कहकर एक निसान मैग्नाइट कार भी ईएमआई पर खरीदी। ईएमआई हर महीने आकाश ही भरता रहा। लेकिन शादी की तारीख पूछने पर हर बार टालमटोल किया गया।
साफ इनकार और फिर धमकी
26 जून 2023 को जब आकाश ने शादी की तारीख तय करने का दबाव डाला, तो मयूरी ने शादी से साफ इनकार कर दिया। जब आकाश ने अपने पैसे और कार की बात की, तो आरोप है कि मयूरी, उसका भाई मयूर और पिता अनिल ने उसे गाली दी और झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी तक दे डाली।
कोर्ट पहुंचा मामला, केस दर्ज
थाने और पुलिस आयुक्त से गुहार लगाने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई, तो आकाश ने अदालत का रुख किया। न्यायालय के आदेश पर अब कैंट थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और विवेचना शुरू कर दी है।
ठगी का नया चेहरा: शादी का झांसा, फिर करोड़ों की चपत!
इस मामले ने एक बार फिर समाज में बढ़ती उस सुनियोजित ठगी की प्रवृत्ति को उजागर कर दिया है, जहां शादी का सपना दिखाकर युवकों को आर्थिक और मानसिक रूप से लूटा जा रहा है।
पुलिस और न्यायपालिका की भूमिका इस तरह के मामलों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीड़ितों को न्याय मिले, इसके लिए तत्काल और सख्त कार्रवाई की जरूरत है। साथ ही, समाज में भी ऐसी घटनाओं के प्रति जागरूकता और सतर्कता जरूरी है।










