“दंगे भूल जाएंगी अगली पीढ़ी” – सीएम योगी का सख्त संदेश, मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो बरेली।
जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मुहम्मद’ कैंपेन को लेकर भड़के बवाल के बाद प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा समेत 8 लोगों को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि 2,000 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करते हुए भारी मात्रा में हथियार और संदिग्ध सामग्री भी बरामद की है।
सीएम योगी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पहले त्योहारों पर दंगे होते थे, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। कुछ लोग अपनी आदतों से मजबूर हैं, उनके लिए ‘डेंटिंग-पेंटिंग’ जरूरी है। बरेली में जो हुआ, वह स्वीकार्य नहीं है। मौलाना भूल गए कि अब कौन सत्ता में है। उन्हें लगा कि वे सड़कें जाम कर देंगे, लेकिन हमने साफ कर दिया.. न जाम लगेगा, न कर्फ्यू लगेगा। लेकिन कार्रवाई ऐसी होगी कि आने वाली पीढ़ियां भी दंगे करना भूल जाएंगी।”
योगी ने कहा कि 2017 के बाद से प्रदेश में कर्फ्यू नहीं लगाना पड़ा है क्योंकि सरकार समय रहते सख्त कार्रवाई करती है। “अवरोध खड़ा करने वालों की भाषा में जवाब दिया गया है और उन्हें कड़ा दंड भी मिला है,” उन्होंने कहा।
पुलिस का एक्शन और एफआईआर
बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार, अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जिन आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें मौलाना तौकीर रजा के अलावा सरफराज, मनीफुद्दीन, अजीम अहमद, मोहम्मद शरीफ, मोहम्मद आमिर, रिहान और मोहम्मद सरफराज शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि भीड़ ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और पथराव किया। मौके से पत्थर, ब्लेड, पिस्तौल, कारतूस और पेट्रोल से सनी टूटी बोतलें बरामद की गई हैं। सीसीटीवी, मैनुअल और तकनीकी जांच के आधार पर बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है।
डीएम ने क्या कहा?
बरेली के डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि प्रशासन को मौलाना की योजना की जानकारी पहले ही मिल गई थी। उन्हें स्पष्ट रूप से धारा 163 के तहत प्रतिबंधों की जानकारी दी गई थी और अनुमति न होने के बावजूद उन्होंने कार्यक्रम की घोषणा की। डीएम ने बताया कि पहले मौलाना के प्रतिनिधियों ने लिखित में कार्यक्रम न करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में मौलाना ने खुद ही उस पत्र को फर्जी बताया और प्रदर्शन का ऐलान कर दिया।
जुमे की नमाज के बाद जब कुछ लोग कानून हाथ में लेने लगे, तो पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया।
बरेली की घटना पर प्रदेश सरकार का रुख बेहद स्पष्ट और सख्त है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दंगे, अराजकता और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आने वाले समय में इस तरह की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।










