2026 तक नक्सलमुक्त भारत का लक्ष्य: अमित शाह
पूर्वांचल राज ब्यूरो नई दिल्ली।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। उन्होंने ‘भारत मंथन-2025: नक्सल मुक्त भारत’ के समापन सत्र में रविवार 28 सितंबर को कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई तभी पूरी होगी, जब उसे वैचारिक, कानूनी और वित्तीय समर्थन देने वालों को उजागर किया जाएगा।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि हथियार छोड़ने वालों के लिए सरकार “रेड कार्पेट” बिछाती है, लेकिन निर्दोष आदिवासियों पर हमला करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद केंद्र की रणनीतिक, समन्वित और दीर्घकालीन नीति के चलते नक्सली हिंसा में 70% से ज्यादा की गिरावट आई है।
गृह मंत्री ने कहा कि पहले जो रेड कॉरिडोर कभी पशुपतिनाथ से तिरुपति तक फैलने की बात करता था, आज उसका जिक्र सुनकर लोग मुस्कराते हैं। उन्होंने बताया कि 2014 में जहां 126 जिले नक्सल प्रभावित थे, वहीं अब सिर्फ 18 जिले शेष हैं।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट जैसे अभियानों से नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। 2024-25 में अब तक 560 से अधिक नक्सली मारे गए, 1770 गिरफ्तार हुए और 2100 से ज्यादा ने आत्मसमर्पण किया है।
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने विकास को भी हथियार बनाया, हजारों किलोमीटर सड़कें बनीं, बैंक शाखाएं, स्कूल, मोबाइल टावर और स्वास्थ्य केंद्र खोले गए।
उन्होंने बुद्धिजीवियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो सरकार को उपदेश देते हैं, वे कभी आदिवासी पीड़ितों के लिए क्यों नहीं लिखते?
अंत में उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का असली कारण विकास की कमी नहीं, बल्कि हिंसा से जुड़ी असफल वामपंथी विचारधारा है, जिसे अब भारत में कोई स्थान नहीं मिलेगा।










