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पैतृक गांव रजला में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

पैतृक गांव रजला में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

पूर्वांचल राज्य वाराणसी (चोलापुर)।

देश के वीर सपूत और एनएसजी कमांडो अंबुज सिंह का चंडीगढ़ में इलाज के दौरान दुखद निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर रविवार सुबह पैतृक गांव रजला (थाना चोलापुर क्षेत्र) लाया गया, जहां हजारों ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और माहौल गमगीन हो गया।

 

अंबुज सिंह वर्तमान में 51 नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) यूनिट में सेवायोजित थे। असम में तैनाती के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें चंडीगढ़ में उपचार हेतु रेफर किया गया था। परंतु, तमाम प्रयासों के बावजूद देश ने अपना एक बहादुर सपूत खो दिया।

 

अपने सैन्य करियर की शुरुआत उन्होंने 107 आर्मी एयर डिफेंस रेजिमेंट से की थी। अपनी लगन, अनुशासन और कार्यकुशलता के बल पर उन्होंने स्किल्ड टेक्निकल क्लर्क (एसकेटी) का पद प्राप्त किया। वर्ष 2023 में उनका स्थानांतरण 503 मिसाइल रेजिमेंट में हुआ, जिसके पश्चात उन्होंने एनएसजी कमांडो के रूप में देश की सुरक्षा का अहम जिम्मा संभाला।

 

उनके एक मित्र और सहकर्मी ने उन्हें याद करते हुए कहा, “हमने साथ पढ़ाई की, साथ सेना में भर्ती हुए। अंबुज हर कठिन घड़ी में मेरे साथ खड़े रहे। उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।”

 

रविवार सुबह 9 बजे जैसे ही सेना के जवान तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे, तो अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। देशभक्ति के नारों और भावभीनी श्रद्धांजलि के बीच उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि उनके पिता अरुण कुमार सिंह ने दी।

 

अंबुज सिंह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनका जीवन देश सेवा और वीरता की मिसाल है। उनकी स्मृति और योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।

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