कर्नाटक: आरएसएस को पथ संचलन की इजाजत नहीं, सरकार के फैसले पर उठे सवाल
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो, चित्तपुर।
कर्नाटक के चित्तपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को पथ संचलन की इजाजत नहीं दी गई है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और शांति भंग होने की आशंका जताते हुए 19 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया। चित्तपुर के तहसीलदार ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
यह फैसला राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए उस निर्णय के बाद आया है, जिसमें किसी भी निजी संगठन को सार्वजनिक स्थलों, सरकारी विद्यालयों या कॉलेज परिसरों में कार्यक्रम आयोजित करने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि चित्तपुर, जहां यह कार्यक्रम होना था, वह प्रदेश के मंत्री प्रियंक खरगे का गृह क्षेत्र है। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की थी।
आरएसएस के शताब्दी वर्ष और विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस पथ संचलन को लेकर पहले ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। नगर पालिका परिषद ने पुलिस सुरक्षा के बीच आरएसएस के पोस्टर और बैनर भी हटवा दिए।
सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि क्या शांति भंग की आशंका का तर्क केवल एक विशेष संगठन के लिए ही लागू होता है? क्या यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं है?










