प्रमुख सचिव ने किया खोराबार क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण
गोरखपुर को वॉटरलॉगिंग–फ्री बनाने पर जोर, नगर निगम में हुई महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो,गोरखपुर
गोरखपुर।बुधवार को प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग पी. गुरुप्रसाद ने खोराबार क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों कल्याण मंडपम, खोराबार मेडिसिटी, तकिया घाट क्षेत्र—का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने नगर निगम गोरखपुर में विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें शहर में चल रहे विकास कार्यों, नाला निर्माण, जल निकासी व्यवस्था और अर्बन फ्लड मैनेजमेंट से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की गई।बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, जीएम जलकल रघुवेंद्र कुमार, मुख्य अभियंता अमित शर्मा, लेखा अधिकारी नागेंद्र सिंह, सहित नगर निगम, जीडीए और जलकल विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।गोरखपुर को बाढ़–रोधी और जलभराव मुक्त बनाने की दिशा में मजबूत पहल नगर निगम द्वारा प्रमुख सचिव के समक्ष Urban Flood Management Cell (UFMC) की विस्तृत प्रस्तुति दी गई।इस प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य गोरखपुर को फ्लड रेजिलिएंट बनाना वॉटरलॉगिंग से स्थायी राहत दिलानाबस्मार्ट ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करनानालों, पंप हाउस, जल निकासी ढांचों का आधुनिकीकरण करना
प्रमुख सचिव ने कहा कि गोरखपुर में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए दीर्घकालिक और तकनीकी दृष्टिकोण जरूरी है। UFMC द्वारा तैयार की गई योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए।तकिया घाट क्षेत्र के निरीक्षण में प्रमुख सचिव ने जल शोधन संयंत्र की कार्यप्रणाली और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि—नदी व नाले के संगम बिंदुओं पर प्रदूषण रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता हो जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाए पुराने उपकरणों को बदलकर आधुनिक मशीनरी लगाई जाए अतिक्रमण हटाकर तेजी से चल रहा निर्माण, बारिश में मिलेगी राहत बैठक में शहर के अहम जल निकासी ढांचों की चर्चा के दौरान गौड़धोइया नाला पर विशेष फोकस रहा। अधिकारियों ने प्रमुख सचिव को बताया कि—
गौड़धोइया नाले का निर्माण कार्य वर्तमान में तेजी से चल रहा है
मजबूती के लिए कंक्रीट संरचना का प्रयोग किया जा रहा है
भविष्य की भारी वर्षा को ध्यान में रखते हुए नाले की क्षमता बढ़ाई गई है नाले के किनारे अभियान चलाकर अतिक्रमण पूरी तरह हटाया जा चुका है निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नाले का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हो और किसी भी स्थिति में कार्य में ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह नाला शहर की जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसका निर्माण समय पर और मानकों के अनुसार पूरा होना अनिवार्य है।
सफाई, ड्रेनेज, निर्माण कार्य, सड़क सुधार पर विस्तृत चर्चा
प्रमुख सचिव ने नगर निगम द्वारा संचालित सभी प्रमुख अभियानों और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि नालों की डी–सिल्टिंग समय से पहले की जाए जहां जलभराव की समस्या बार–बार आती है, वहां स्थायी समाधान तैयार किया जाए सड़क किनारे और नालों के आसपास किसी तरह का अतिक्रमण न रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जाए जलकल विभाग आपूर्ति और निकासी दोनों की सतत मॉनिटरिंग करे नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम लगातार मशीनरी और मानव संसाधन की बढ़ोत्तरी कर रहा है। रियल–टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है ताकि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में पानी भरने की समस्या हो तो उसका तुरंत समाधान किया जा सके।मेडिसिटी क्षेत्र के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देशखोराबार मेडिसिटी क्षेत्र के निरीक्षण में प्रमुख सचिव ने कहा कि इस क्षेत्र को भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए विशेष मास्टर प्लान की अवधारणा के साथ विकसित किया जाए।उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्य सड़कों के साथ–साथ आंतरिक मार्ग भी मजबूत किए जाएं स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क को प्राथमिकता दी जाए हरित क्षेत्र को बढ़ाया जाए समयबद्ध कार्य पूरा करने और सतर्कता बढ़ाने का आदेश बैठक के अंत में प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि—शहर में जलभराव रोकने के सभी कार्य समय पर पूरे हों टेक्निकल निगरानी बढ़ाई जाए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाए रखें मानसून पूर्व ड्रेनेज तैयारी की संयुक्त समीक्षा अनिवार्य हो उन्होंने कहा कि अर्बन फ्लड मैनेजमेंट मॉडल सफल हुआ तो गोरखपुर प्रदेश के अन्य नगर निगमों के लिए उदाहरण बनेगा।










