Home / अपराध / बीस साल बाद मिला एससी एसटी एक्ट मामले में न्यायय न्यायपालिका पर है अटूट विश्वास: सुनिल पांडेय

बीस साल बाद मिला एससी एसटी एक्ट मामले में न्यायय न्यायपालिका पर है अटूट विश्वास: सुनिल पांडेय

बीस साल बाद मिला एससी एसटी एक्ट मामले में न्यायय न्यायपालिका पर है अटूट विश्वास: सुनिल पांडेय

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। कहते हैं सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं इस कहावत को जनपद के हल्दी थाना क्षेत्र के सिताकुण्ड परासिया गांव के एक परिवार ने 20 सालों तक जीकर सच साबित कर दिया। बीस वर्षों से चल रहे एससी/एसटी एक्ट के मामले में आखिरकार माननीय न्यायालय ने पीड़ित पक्ष के हक में फैसला सुनाते हुए निर्दोषों को राहत दी है। इस बहुचर्चित मुकदमे में शिवजी सिंह, लव सिंह, संजय सिंह और सुनील सिंह पर गंभीर आरोप लगे थे। मुकदमे की शुरुआत से ही पूरा परिवार सामाजिक तिरस्कार और कानूनी लड़ाई का सामना करता रहा। लेकिन आज अदालत के फैसले ने यह साफ कर दिया कि आरोप झूठे थे और निर्दोष लोगों को बेवजह सालों तक मुकदमेबाजी झेलनी पड़ी। निर्णय सुनाए जाने के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग एक-दूसरे को बधाई देते हुए न्यायपालिका पर अपना भरोसा जताते नजर आए।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता केशव नारायण पाण्डेय ऊर्फ सुनील पाण्डेय ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एससी/एसटी एक्ट समाज के कमजोर वर्ग को न्याय दिलाने का एक मजबूत हथियार है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल भी कम नहीं हो रहा। यदि मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस प्रशासन गंभीरता और निष्पक्षता से जांच कर ले, तो कई निर्दोष लोग अपने जीवन के अनमोल साल बर्बाद होने से बच सकते हैं। आज जिस प्रकार न्यायालय ने मेरे मुवक्किलों को न्याय दिलाया है, यह इस बात का प्रमाण है कि न्यायपालिका पर भरोसा करना कभी व्यर्थ नहीं जाता। मुझे पहले दिन से विश्वास था कि सत्य की जीत होगी।
इस फैसले ने जहां एक ओर आरोपित परिवार को राहत की सांस दी है, वहीं समाज में यह संदेश भी दिया है कि कानून का दुरुपयोग करने वालों से सावधान रहने की जरूरत है और न्याय की डगर भले लंबी हो, लेकिन अंततः सत्य की ही विजय होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *