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पूरे प्रदेश में गूंजा नारी शक्ति का स्वर, 18 हजार महिला पुलिसकर्मियों ने बाइक रैली से दिया सुरक्षा व सम्मान का संदेश

पूरे प्रदेश में गूंजा नारी शक्ति का स्वर, 18 हजार महिला पुलिसकर्मियों ने बाइक रैली से दिया सुरक्षा व सम्मान का संदेश

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो लखनऊ।

(संवाददाता- राजेश कुमार वर्मा)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रारंभ किए गए मिशन शक्ति के पांचवें चरण में शनिवार को प्रदेश भर में एक ऐतिहासिक बाइक रैली का आयोजन हुआ, जिसमें करीब 18 हजार महिला अफसरों और पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। यह रैली महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के संदेश को लेकर निकली, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश में एक सशक्त सामाजिक संदेश छोड़ा।

लखनऊ स्थित लोक भवन से मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति 5.0 की औपचारिक शुरुआत की। इसी अवसर पर प्रदेश के सभी 1663 थानों में मिशन शक्ति केंद्रों का शुभारंभ भी किया गया। इसके तुरंत बाद, डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देशन में राज्य के सभी जिलों में बाइक रैलियाँ निकाली गईं।

राहगीरों ने बरसाए फूल, नारों से गूंजीं सड़कें

महिला पुलिसकर्मियों की यह रैली जहाँ-जहाँ से गुजरी, वहाँ नागरिकों ने फूल बरसाकर स्वागत किया और खुले दिल से समर्थन जताया। ‘सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार’ जैसे जोशीले नारों से माहौल जीवंत होता रहा। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि समाज में नारी सम्मान की भावना को और मजबूत करने वाला भी।

सामाजिक संकल्प का संदेश

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि, “यह रैली यह बताती है कि नारी सुरक्षा अब सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा संकल्प है। यह जनभागीदारी का प्रतीक है।”

मिशन शक्ति बना सोशल मीडिया पर टॉप ट्रेंड

इस भव्य आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा की गईं। #MissionShakti5 कुछ ही समय में टॉप ट्रेंड में शामिल हो गया।

शाम 4 से 6:30 बजे तक, यह हैशटैग लगातार टॉप-5 ट्रेंडिंग में बना रहा।

रविवार रात 8 बजे तक #MissionShakti5 पर 23,000 से अधिक ट्वीट्स किए जा चुके थे।

इस हैशटैग को 28 मिलियन से अधिक लोगों ने देखा, और 384 मिलियन से ज्यादा इम्प्रेशन्स मिले।

 

सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

मिशन शक्ति की यह पहल केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण के प्रति सरकार और समाज की साझा प्रतिबद्धता है। महिला पुलिसकर्मियों ने न केवल अपने साहस और सेवा भावना का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी दिखाया कि महिलाएं अब केवल संरक्षित नहीं, बल्कि स्वयं सुरक्षा की प्रहरी बन रही हैं।

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