रिश्वतखोरी पर एंटी करप्शन का हथौड़ा: पांच हजार की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ शिक्षा विभाग का क्लर्क
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो मुरादाबाद।
(संवाददाता- राजेश कुमार वर्मा)
बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा कार्यालय में तैनात बाबू देवीदीन को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सोमवार को उस वक्त रंगे हाथों दबोच लिया, जब वह शिक्षक से 5000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। यह कार्रवाई शिक्षक स्वराज सिंह की शिकायत पर की गई, जिसने बाबू पर चयन वेतनमान लगाने के एवज में घूस मांगने का आरोप लगाया था।
इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की गहराई और बाबुओं की मनमानी का एक और शर्मनाक चेहरा उजागर कर दिया है।
क्या है मामला?
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव सहसपुरी निवासी स्वराज सिंह गांव भायपुर स्थित आदर्श जनता विद्यालय में सहायक अध्यापक हैं। सरकारी नियमों के अनुसार, दस साल की सेवा पूरी होने पर शिक्षक को चयन वेतनमान दिया जाता है, जिससे लगभग 2600 रुपए की वेतन वृद्धि होती है।
स्वराज सिंह की जुलाई में दस साल की सेवा पूरी हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने वेतनमान के लिए बीएसए कार्यालय में आवेदन किया। वहां से फाइल लेखा विभाग में कार्यरत बाबू देवीदीन के पास भेजी गई।
इसी विद्यालय के आदित्य कुमार समेत चार अन्य शिक्षकों ने भी आवेदन किया था। लेकिन बाबू ने दो शिक्षकों की फाइल आगे बढ़ा दी और स्वराज व आदित्य की फाइल रोक दी। जब दोनों ने कारण पूछा तो बाबू ने 15,000 रुपए की रिश्वत की मांग रख दी। कई बार के प्रयासों के बाद 10,000 रुपए में सौदा तय हुआ, जिसमें से पहली किस्त के तौर पर 5000 रुपए देने पर सहमति बनी।
एंटी करप्शन ने रची रणनीति, धर दबोचा
स्वराज सिंह ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया। निरीक्षक शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने पूरी योजना तैयार की। सोमवार दोपहर जैसे ही स्वराज ने देवीदीन को 5000 रुपए सौंपे, टीम ने दबिश देकर क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी बाबू दीन दयाल नगर द्वितीय स्थित साईं मंदिर के पास का रहने वाला है और दांग स्कूल स्थित लेखाधिकारी कार्यालय में तैनात था।
टीम उसे नागफनी थाने ले गई, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मंगलवार को उसे बरेली की विशेष अदालत में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार
इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में कार्यरत भ्रष्ट कर्मचारियों में खलबली मच गई है। यह घटना इस बात का सबूत है कि अब रिश्वतखोरी पर परदा डालना आसान नहीं रहा। एंटी करप्शन टीम की मुस्तैदी और शिक्षक की हिम्मत ने यह साबित कर दिया है कि सिस्टम को सुधारने के लिए पहल जनता को करनी होगी।










