छात्राओं को यौन हिंसा और लैंगिक असमानता के प्रति किया गया जागरूक
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, चोलापुर में आंतरिक शिकायत समिति का पुनर्गठन, विशेषज्ञों ने साझा किए महत्वपूर्ण अनुभव
पूर्वांचल राज्य वाराणसी (चोलापुर)।
(संवाददाता- राजेश कुमार वर्मा)
बालिकाओं में यौन शिक्षा और लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चोलापुर में सोमवार को विशाखा गाइडलाइन के तहत आंतरिक शिकायत समिति की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान छात्राओं को यौन उत्पीड़न, जेंडर असमानता और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया।
बैठक का आयोजन विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजू सिंह के नेतृत्व में किया गया, जिसमें सभी शिक्षिकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता स्टालिन और श्रीमती शबाना, महिला अधिकार कार्यकर्ता रहीं, जिन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि
कार्यक्रम में छात्राओं को बताया गया कि विशाखा गाइडलाइन के तहत कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा के लिए एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जिसका मकसद महिलाओं को एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना है। इसी क्रम में विद्यालय में कार्यरत शिक्षिकाओं और छात्राओं की सहभागिता से समिति का पुनर्गठन भी किया गया।
सत्र के दौरान छात्राओं को जेंडर असमानता, यौन हिंसा के प्रकार, कानूनी प्रावधान, और साहसपूर्वक रिपोर्ट करने के तरीकों पर भी जानकारी दी गई।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिए प्रेरणादायक संदेश
मुख्य अतिथि स्टालिन ने कहा, “समाज को तब तक प्रगति नहीं मिल सकती जब तक महिलाएं और बालिकाएं सुरक्षित महसूस न करें। शिक्षण संस्थान इस बदलाव की बुनियाद बन सकते हैं।”
वहीं, शबाना मैडम ने छात्राओं से कहा, “आपका शरीर, आपकी मर्जी.. यह सिर्फ नारा नहीं, हक है। यदि कभी कुछ गलत हो, तो चुप न रहें। आवाज उठाएं, क्योंकि आपकी चुप्पी ही अपराधी की ताकत बनती है।”
जागरूकता ही है सबसे बड़ी सुरक्षा
प्रधानाचार्या श्रीमती अंजू सिंह ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि विद्यालय में हर छात्रा की गरिमा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य छात्राओं को सजग, संवेदनशील और सशक्त बनाना है, ताकि वे किसी भी चुनौती का डटकर सामना कर सकें।
यदि आप या आपके आसपास कोई यौन उत्पीड़न का शिकार हुआ है, तो चुप न रहें। तत्काल आंतरिक शिकायत समिति, विद्यालय प्रशासन या निकटतम पुलिस थाने में संपर्क करें। आपकी चुप्पी नहीं, आपकी हिम्मत बदलाव लाएगी।










