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संयुक्त राष्ट्र में एस. जयशंकर का शक्तिशाली संबोधन, आतंकवाद के मुद्दे पर पड़ोसी पाकिस्तान को कड़ा शिकंजा

संयुक्त राष्ट्र में एस. जयशंकर का शक्तिशाली संबोधन, आतंकवाद के मुद्दे पर पड़ोसी पाकिस्तान को कड़ा शिकंजा

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली/न्यूयॉर्क

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में अपने प्रभावशाली भाषण में आतंकवाद को वैश्विक चुनौती करार देते हुए, बिना नाम लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत स्वतंत्रता के बाद से आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है, और कई बड़े आतंकी हमलों की जड़ें उसी देश से जुड़ी हैं, जिसे वैश्विक आतंकवाद का गढ़ माना जाता है।

जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद न केवल नफ़रत और हिंसा फैलाता है, बल्कि यह असहिष्णुता और भय का कारण भी है। उन्होंने कहा, “जब कोई देश आतंकवाद को अपनी राज्य नीति बनाता है, आतंकी शिविर चलाता है और आतंकियों का खुलेआम समर्थन करता है, तो इसकी सख्ती से निंदा होनी चाहिए।” उन्होंने आतंकवाद की फंडिंग रोकने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवादियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों को छूट देने वाले देश भी अंततः आतंकवाद की चपेट में आएंगे।

भारत के खिलाफ पाकिस्तान के दावों का भी उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मंच से करारा जवाब दिया। उन्होंने याद दिलाया कि हालिया पहलगाम आतंकी हमले के पीछे भी आतंकवादी नेटवर्क उसी देश से जुड़े हैं, और भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

जयशंकर ने अपने संबोधन की शुरुआत “भारत के लोगों की ओर से नमस्कार” से की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य केवल युद्ध रोकना ही नहीं बल्कि विश्व में शांति और मानव गरिमा की रक्षा करना भी है। उन्होंने उपनिवेशवाद के अंत और वैश्विक भू-राजनीति में आए बदलावों पर भी प्रकाश डाला।

यूएन महासभा के दौरान जयशंकर ने कई देशों के विदेश मंत्रियों से भी मुलाकात की और भारत के बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने ब्रिक्स, आईबीएसए और सीईएलएसी जैसे महत्वपूर्ण समूहों की बैठकों में भाग लेकर वैश्विक हितों पर संवाद बढ़ाया।

पाकिस्तान को मिली कड़ी चेतावनी
भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद और उसके समर्थन में शामिल किसी भी तत्व को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विदेश मंत्रालय की फर्स्ट सेक्रेटरी पेतल गहलोत ने पाकिस्तान के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें पाकिस्तानी एयरबेस को भारतीय हमलों से हुए नुकसान को नकारा गया था। भारत ने जोर देकर कहा कि ये सैन्य कदम आतंकवाद से बचाव के लिए उठाए गए थे, न कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने के लिए।

रूस का भारत के लिए समर्थन
संयुक्त राष्ट्र में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत और ब्राजील के सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के समर्थन का ऐलान किया, साथ ही परिषद के लोकतंत्रीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का पाक प्रति तीखा हमला
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के मामले में खुद जिम्मेदार है और वह केवल रोने-धोने का नाटक कर रहा है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को कश्मीर की चिंता छोड़कर इस बात की चिंता करनी चाहिए कि पीओके जल्द भारत के नियंत्रण में आएगा।”

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