आईपीएस सुसाइड केस में नया मोड़: एएसआई ने भी की सुसाइड
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो रोहतक।
हरियाणा पुलिस महकमे में उस वक्त सनसनी फैल गई जब साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप ने मंगलवार को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना न सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि एक बड़े प्रशासनिक विवाद की ओर भी इशारा करती है। घटनास्थल से तीन पेज का सुसाइड नोट और एक वीडियो मैसेज बरामद हुआ है, जिसमें दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार और जातिवाद के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सुसाइड नोट में संदीप ने लिखा है कि पूरन कुमार ने जातीय आधार पर सिस्टम को हाईजैक कर दिया था और ईमानदार अधिकारियों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। संदीप ने खुद को “शहीद” बताते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके। उसने यह भी दावा किया कि उसके पास पूरन कुमार के खिलाफ कई ठोस सबूत थे, लेकिन गिरफ्तारी के डर और मानसिक दबाव के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
यह घटना आईपीएस पूरन कुमार की आत्महत्या के ठीक सात दिन बाद सामने आई है, जिससे पूरे पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। संदीप का शव एक मकान में मिला, जहां वह अकेले रह रहा थे। उसने सफेद शर्ट और नीली जींस पहन रखी थी, और चारपाई के पास उसकी सर्विस रिवॉल्वर पड़ी मिली। मौके पर पहुंचे डीएसपी गुलाब सिंह और एफएसएल एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सुसाइड नोट और वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और आंतरिक राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संदीप की ‘शहादत’ अब एक जांच की मांग बन चुकी है, जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।
*क्या यह सिर्फ एक आत्महत्या है या सिस्टम में छिपे किसी बड़े सच की दस्तक?*










