“विनाश तय था, दुश्मन झुक गया” – ऑपरेशन सिंदूर पर डीजीएमओ का खुलासा
*भारतीय सेना ने तय किए थे लक्ष्य, नौसेना अरब सागर में कर चुकी थी मोर्चाबंदी*
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो नई दिल्ली।
भारत-पाक सैन्य तनाव के दौरान मई में अंजाम दिए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर अब सेना ने बड़ा खुलासा किया है। भारतीय सेना के महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान भारत की तीनों सेनाएं पूरी तरह अलर्ट थीं और भारतीय नौसेना अरब सागर में कार्रवाई के लिए मोर्चा संभाल चुकी थी।
उन्होंने साफ कहा कि यदि दुश्मन पीछे नहीं हटता, तो नतीजे बेहद विनाशकारी होते। पाकिस्तान ने हालात बिगड़ते देख युद्धविराम की गुहार लगाई और पीछे हटने को मजबूर हुआ।
सेना, वायुसेना और नेवी – तीनों एकजुट
यूएनटीसी चीफ्स कॉन्क्लेव में बोलते हुए ले. जनरल घई ने कहा,
> “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीनों सेनाएं एकजुट होकर काम कर रही थीं। हमारी नौसेना पहले ही समुद्री सीमा तक पहुंच चुकी थी और ऑपरेशन के लिए तैयार खड़ी थी।”
उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल से 6 मई तक भारत ने अपने सभी सामरिक लक्ष्य तय कर लिए थे और सीमाओं पर एहतियाती तैनाती पूरी की जा चुकी थी। दुश्मन के हर कदम पर जवाब तैयार था।
*सूचना युद्ध में भी भारत आगे*
डीजीएमओ ने यह भी बताया कि इस सैन्य कार्रवाई के दौरान भारत ने साइबर और सूचना युद्ध के मोर्चे पर भी बड़ी सक्रियता दिखाई। भारत की सैन्य रणनीति अब केवल पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं रही बल्कि हर मोर्चे पर निर्णायक जवाब देने के सिद्धांत पर काम हो रहा है।
*”आतंक अब युद्ध है” – पीएम मोदी का स्पष्ट संदेश*
ले. जनरल घई के बयान की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह स्पष्ट संदेश भी दोहराया गया जिसमें उन्होंने कहा था:
“अब आतंकवाद को युद्ध की तरह लिया जाएगा, और उसका जवाब निर्णायक होगा। भारत अब किसी भी परमाणु धमकी से नहीं डरता और आतंकियों व उनके सरपरस्तों में कोई फर्क नहीं किया जाएगा।”
*96 दिन का पीछा, फिर मिला न्याय*
संसद में पहले गृहमंत्री अमित शाह भी ऑपरेशन महादेव के तहत पहलगाम हमले के तीन आतंकियों को ढेर करने की जानकारी दे चुके हैं। ले. जनरल घई ने कहा:
> “हमने उन्हें 96 दिन तक ट्रैक किया, और आखिरकार उन्हें न्याय मिला। वे थक चुके थे, लेकिन भारत पीछे हटने को तैयार नहीं था।”
*ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य योजना, समुद्री शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा की एक स्पष्ट झलक है, यह संदेश दुनिया को साफ है: भारत अब हर मोर्चे पर तैयार है, और हर कीमत पर जवाब देगा।*










