किसानों को उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम: शिवराज सिंह
दिल्ली में राष्ट्रीय एफपीओ समागम 2025 का शुभारंभ, वाराणसी (चोलापुर) के किसानों ने भी की सहभागिता
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को दिल्ली स्थित एनसीडीसी परिसर में “राष्ट्रीय एफपीओ समागम 2025” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 24 राज्यों और 140 जिलों से आए 500 से अधिक प्रगतिशील किसान, एफपीओ, सीबीबीओ और कार्यान्वयन एजेंसियों ने हिस्सा लिया।
केंद्रीय मंत्री ने एफपीओ द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन कर किसानों से सीधा संवाद किया और उत्कृष्ट एफपीओ, सीबीबीओ तथा एजेंसियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य किसानों को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि व्यापारी और उद्यमी बनाना है।” उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने के साथ जल्द ही नया सीड एक्ट लाने जा रही है, ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिल सकें।
श्री चौहान ने स्पष्ट कहा कि नकली बीज और घटिया पेस्टीसाइड के मामलों में सरकार सख्त रुख अपनाएगी और इसके खिलाफ कड़ा कानून लाया जाएगा। उन्होंने एफपीओ से आह्वान किया कि वे अगले एक वर्ष में अपने कारोबार का दायरा बढ़ाएं, अधिक से अधिक किसानों को जोड़ें और स्वावलंबी गांवों के निर्माण में योगदान दें।
समागम में 267 एफपीओ ने अपने जैविक, प्रसंस्कृत व पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। कार्यक्रम में कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी और अतिरिक्त सचिव श्रीमती मनिंदर कौर द्विवेदी भी उपस्थित रहीं।
विशेष बात यह रही कि चोलापुर, वाराणसी के एफपीओ ने भी समागम में सक्रिय भागीदारी की और अपने प्राकृतिक व जैविक उत्पादों का प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
यह आयोजन किसानों और उद्यमियों के बीच संवाद का सशक्त मंच साबित हुआ, जो कृषि क्षेत्र में नवाचार, बाजार संपर्क और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।










