
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। मृतक सुनील यादव का शव पोस्टमार्टम के बाद जैसी ही घर पहुंचा। परिजनों सहित इष्ट-मित्रों में कोहराम मच गया। पूरा गांव सुनील के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। सभी की जुबां पर एक ही बात तैर रही थी कि न केवल सुनील व्यवहारशील था बल्कि मिलनसार भी था। अब तक कभी यह बात सामने नहीं आती कि सुनील का किसी के साथ तू-तू,मैं-मैं भी हुआ हो। उधर मृतक सुनील की मां शव आते ही बेहोश होकर गिर पड़ी।जब भी होश आता उसके मुंह से यही निकल रहा था कि बेटा मुझे भी साथ लेकर क्यों नहीं गया। घर के एक मात्र कमाऊ सदस्य को हत्यारों ने गोली मार दिया। अब हम किसके सहारे जीयेंगे। भैया की किसी के साथ कोई दुश्मनी भी नहीं थी। आखिर हत्यारों ने मेरे भाई की गोली मारकर क्यों हत्या कर दिया। यह कहना है बलिया के नीरूपुर ढ़ाले पर दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग में मृत टेंट व्यवसाई सुनिल यादव के छोटे भाई सुरेश यादव का। सुरेश का कहना है कि मेरा भाई मिलनसार था तथा पूरे परिवार का दारोमदार उसी पर था। परिवार को चलाने का काम मेरा भाई करता था। अब परिवार कैसे चलेगा ? घटना के बाद जहां मृतक सुनील की मां चीत्कार हर किसी के कलेजे को बेध रही है। वहीं नवविवाहित पत्नी किंकर्त्तव्यविमूढ़ हो गयी है। कभी वह रो रही है तो कभी एकदम चुप होकर लोगों को बारी-बारी से टकटकी लगाये देख रही है। वहीं दोनों छोटे भाईयों का हाल रोते-रोते बेहाल हो गया। पिता शिवशंकर उर्फ सिपाही यादव बड़े बेटे के ग़म में बावले हो गये हैं।
मुकदमा दर्ज लेकिन हत्यारे पुलिस की पहुंच से अभी भी दूर
घटना के बाद मृतक सुनील यादव के पिता शिवशंकर यादव की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद तथा तीन-चार अज्ञात लोगों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। लेकिन हत्यारे पुलिस की पकड़ से अभी भी दूर है। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर घटना का जायजा लिया था तथा इस मामले कठोर कार्रवाई करने की भी बात एसपी ने कही थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस,एसओजी तथा विभिन्न थानों की पुलिस टीम लगी हुई है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में दो उपनिरीक्षक सहित दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड भी कर दिया है।










