Home / Trending News / धान की कटाई कंबाइन हार्वेस्टर से करने के लिए लेनी होगी इजाजत

धान की कटाई कंबाइन हार्वेस्टर से करने के लिए लेनी होगी इजाजत

धान की कटाई कंबाइन हार्वेस्टर से करने के लिए लेनी होगी इजाजत

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज /घुघली

धान काटने के बाद जो अवशेष बचता है कई किसानों उसे खेतों में जलाते हैं। अगर किसान इस तरह के फसल अवशेष, पराली जलाते हैं तो पर्यावरण में प्रदूषण फैलता है, मिट्टी खराब होती है, इसलिए सरकार इस पर रोक लगा रही है। जिसमें पराली प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कई एवं फैसले लिए हैं। जिसका धान उत्पादक किसानों को सीधा असर पड़ेगा। जिसमें धान काटने की कंबाइन हार्वेस्टर मशीन और पराली जलाने को लेकर कई निर्देश जारी हुए हैं तो चलिए आपको बताते हैं।
कंबाइन हार्वेस्टर मशीन
धान काटने के लिए कई किसान कंबाइन हार्वेस्टर मशीन का इस्तेमाल करते हैं। जिसमें अब उत्तर प्रदेश में कंबाइन हार्वेस्टर मशीन का इस्तेमाल करने से पहले इजाजत लेनी पड़ेगी। जिसमें कृषि विभाग में आपको बताना होगा कि हमको कंबाइन हार्वेस्टर मशीन का इस्तेमाल करना है। जहां पर वह यह देखेंगे कि क्या आप सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के साथ फसल की कटाई कर रहे हैं या नहीं। जिसमें वह एक कर्मचारी भी नियुक्त करेंगे जो देखेगा की कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं, और पराली जल तो नहीं जा रही है।”पराली जलाने पर जुर्माना
कंबाइन हार्वेस्टर से धान की कटाई आसान होती है। लेकिन फसल काटने के बाद वहां पर उसके अवशेष रह जाते हैं, पराली रह जाती है। जिसे किसान आग लगा देते हैं। लेकिन ऐसा करने पर सरकार जुर्माना लगाएगी। जी हां आपको बता दे की दो एकड़ से कम जमीन वाले क्षेत्रों में ₹5000 का जुर्माना, 2 से 5 एकड़ की जमीन में अगर पराली जलाते हैं तो ₹10000 का जुर्माना, और 5 एकड़ से ज्यादा की जमीन में अगर परली जलाते हैं तो ₹30000 तक का जुर्माना किसान को देना पड़ सकता है।
इसलिए कंबाइन हार्वेस्टर का इस्तेमाल करें तो उसके साथ-साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाए। जिससे यह समस्या ना आए। बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के कंबाइन हार्वेस्टर का इस्तेमाल करने की मंजूरी नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *