खंडवा में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर पलटा, विसर्जन में डूबे 11 मासूम सपने
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो खंडवा (मध्यप्रदेश)
नवरात्रि के समापन पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का उत्सव मातम में बदल गया जब खंडवा जिले के पंधाना क्षेत्र के जामली गांव में एक भीषण हादसे में 11 लोगों की जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना में 7 साल के मासूम से लेकर 25 साल के युवा तक की ज़िंदगियाँ गहरे पानी में समा गईं।
राजगढ़ ग्राम पंचायत के पाडलाफाटा के लोग गुरुवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से अर्दला तालाब पहुंचे थे। ट्रॉली में 20-25 लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोटवार ने उन्हें चेतावनी दी कि पानी गहरा है, आगे न जाएं, लेकिन उत्साह और आत्मविश्वास के आगे चेतावनी अनसुनी रह गई। ट्रैक्टर जैसे ही गहरे पानी में गया, संतुलन बिगड़ा और ट्रॉली पलट गई। लोग तालाब में डूबने लगे।
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल मोर्चा संभाला और कई लोगों को बाहर निकालने में मदद की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। 10 शवों को तालाब से निकाल लिया गया है जबकि एक बच्ची का शव देर रात खोजबीन के बाद बरामद किया गया। मृतकों में अधिकतर किशोरियाँ और युवा शामिल हैं।
मारे गए लोगों में आयुष (9), रेव सिंह (13), दिनेश (13), शर्मिला (15), संगीता (16), किरण (16), उर्मिला (16), गणेश (20), पाटली (25), आरती और चंदा (7) शामिल हैं।
तीन की हालत नाजुक
सोनू (16), सोनू (18) और मंजुला (17) की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, इनके फेफड़ों में पानी भर गया है और उन्हें आईसीयू में निगरानी में रखा गया है।
गांव में मातम, हर घर में सन्नाटा
पाडलाफाटा फलिया के लगभग 40 आदिवासी परिवारों में से किसी के घर रात को चूल्हा नहीं जला। पूरा गांव स्तब्ध है। जहां नौ दिन तक माता रानी के गीत गूंजते रहे, वहीं आज केवल मातम पसरा है।
प्रशासन की अपील और रेस्क्यू ऑपरेशन
कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लोगों को कोटवार ने पहले ही आगाह किया था, लेकिन अति आत्मविश्वास ने यह हादसा करा दिया। एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीमें राहत और बचाव में जुटी हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों के साहस और तत्परता की सराहना की, जिनकी वजह से कई जानें बचाई जा सकीं।
यह हादसा एक चेतावनी है
हर साल हजारों लोग देवी विसर्जन के दौरान गहरे पानी में जाने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह घटना एक दुखद संदेश छोड़ गई है… उत्साह के साथ-साथ सतर्कता भी ज़रूरी है। एक पल की लापरवाही, कई परिवारों की ज़िंदगी में अंधेरा कर गई।
यह रिपोर्ट उन मासूम आत्माओं को समर्पित है जिनके सपने तालाब की गहराइयों में समा गए।










