काशी से गूंजी पीएम मोदी की कृषि क्रांति की गूंज, कई योजनाओं का शुभारंभ
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार 11 अक्टूबर को दिल्ली के पूसा परिसर से वर्चुअल माध्यम से देशभर के किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, दलहन आत्मनिर्भर मिशन, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, कृषि आधारभूत संरचना कोष और एफपीओ गठन अभियान जैसे महत्त्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया।
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में किया गया, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि दलहन मिशन के तहत भारत को वर्ष 2030 तक दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 11,440 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई धन-धान्य योजना देश के 100 कम उत्पादक जिलों में लागू होगी, जिनमें उत्तर प्रदेश के 12 जिले शामिल हैं। साथ ही, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाकर जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ये योजनाएँ किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को टिकाऊ व आत्मनिर्भर बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम में 700 से अधिक किसान, वैज्ञानिक और छात्र शामिल हुए। किसानों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किए गए और संस्थान द्वारा बीज किट व तकनीकी पुस्तिकाएँ वितरित की गईं।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. नागेन्द्र राय ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की ये पहलें भारतीय कृषि में नई ऊर्जा का संचार करेंगी और आने वाले वर्षों में इसके प्रभाव दूरगामी होंगे।
यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण में कृषि की केंद्रीय भूमिका को सशक्त रूप से सामने लाता है।










