IPS पूरन कुमार सुसाइड मामला: पांचवें दिन भी नहीं हो सका पोस्टमार्टम
एफआईआर संशोधन की जिद पर अड़ा परिवार, अंतिम संस्कार पर सरकार की कोशिशें जारी
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो चंडीगढ़।
हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के पांच दिन बाद भी न पोस्टमार्टम हो सका, न अंतिम संस्कार। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि शोक संतप्त परिवार को इस पर सहमत किया जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दलित नेताओं और शीर्ष अधिकारियों को परिवार से संवाद की जिम्मेदारी सौंपी है।
पूरन कुमार की पत्नी, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार, एफआईआर में संशोधन की मांग पर अड़ी हैं। सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, कृष्ण बेदी, और पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ व रामबिलास शर्मा समेत कई बड़े चेहरे परिवार को न्याय का भरोसा दिला चुके हैं, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
पूरन कुमार ने 6 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर आत्महत्या की थी। इसके बाद से सरकार और प्रशासन के आला अधिकारी लगातार परिवार से संवाद में हैं। डीजीपी सागरप्रीत हुड्डा भी अमनीत से मुलाकात कर चुके हैं।
सरकार का कहना है कि जांच हर पहलू से होगी और परिवार को पूरा न्याय मिलेगा, लेकिन अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए परिजनों की सहमति जरूरी है। अधिकारियों का मानना है कि न्याय की लड़ाई शव के संस्कार के बाद भी जारी रह सकती है।










