जेल अधीक्षक के खाते से उड़ाए 30 लाख, एक साल तक अफसर सोते रहे!
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो आजमगढ़।
जिला जेल से चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां बंदियों ने जेल अधीक्षक के बैंक खाते से 30 लाख रुपये से ज्यादा की रकम साफ कर दी और किसी को भनक तक नहीं लगी!
साल भर तक चले इस हाई-प्रोफाइल घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब इलाज के लिए भेजे गए एक बंदी के फंड का हिसाब-किताब चेक किया गया। खाते की स्टेटमेंट ने होश उड़ा दिए।
जेल प्रशासन की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें दो पूर्व बंदी, एक अकाउंटेंट और एक कैश चौकीदार शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि बंदी रामजीत और शिवशंकर रिहाई से पहले चुपके से चेकबुक चुरा ले गए। फिर फर्जी दस्तखतों से लाखों की रकम निकाल ली। अब सवाल उठता है.. क्या बैंक कर्मियों की मिलीभगत भी थी? जांच जारी है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि करीब एक साल तक खाते से लेनदेन होता रहा, लेकिन किसी अफसर ने कभी स्टेटमेंट तक नहीं देखा! अब जब मामला तूल पकड़ चुका है, तो जिम्मेदारियां टालने का खेल शुरू हो गया है।
जेल अधीक्षक आदित्य कुमार का कहना है कि अभी आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है, असली तस्वीर जल्द सामने आएगी। लेकिन इतना तय है कि यह मामला जेल प्रशासन की लापरवाही और भ्रष्ट तंत्र की एक और बड़ी बानगी बन चुका है।










