हमास ने सभी बंधकों को छोड़ा, ट्रंप का यरुशलम से ऐतिहासिक एलान
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो यरुशलम/नई दिल्ली।
दो वर्षों की खामोश जंग और अंतहीन पीड़ा के बाद आखिरकार उम्मीद की किरण दिखाई दी है। हमास ने अपने कब्जे में रखे सभी 20 बंधकों को रिहा कर दिया है। यह रिहाई अमेरिका की मध्यस्थता में हुए सीजफायर और बंधक समझौते का हिस्सा है।
यरुशलम स्थित इजरायली संसद (नेसेट) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऐतिहासिक मौके पर भाषण देते हुए कहा,
“दो साल के अंधेरे के बाद 20 साहसी नागरिक अब अपने परिवारों की बाँहों में हैं। यह मिडिल ईस्ट में नए सवेरे की शुरुआत है।”
इस प्रयास के लिए इजरायल ने ट्रंप को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा।
अपने भाषण की शुरुआत में ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सराहना की और कहा “थैंक यू वेरी मच, बीबी। ग्रेट जॉब !”
ट्रंप ने इस समझौते को मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति की दिशा में बड़ा मोड़ बताया और कहा,
“अब इजरायल के लिए सुनहरा युग शुरू होने जा रहा है, जैसे अमेरिका के लिए हो रहा है।”
गौरतलब है कि इस युद्ध ने गाजा को खंडहर बना दिया था और हजारों जानें जा चुकी थीं।
अब दुनिया उम्मीद कर रही है कि यह युद्धविराम क्षेत्र में नई स्थिरता और अमन की नींव रखेगा।










